Difference between High court and Supreme court

Difference between high court and supreme court | नमस्कार साथियो, मेरा नाम दीपक और सभी का Studydream.in में स्वागत है। इस पोस्ट में हाई कोर्ट ( High Court ) और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के बीच Difference और इससे जुडी अन्य जानकारी जैसे – Difference between high court and supreme court in Hindi, How many High courts in India,

आपके द्वारा खोजे गए Keyword – हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में क्या अंतर है? / सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में क्या अंतर है?

Difference between high court and supreme court In hindi

High Court को उच्च न्यायालय कहते हैं। High Court राज्य स्तर का कोर्ट है और इसमें राज्य स्तर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लोगो का न्याय किया जाता है। Variation/Difference between high court and supreme court in India में High Court में कुल 749 न्यायाधीश होते है।

उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायधीश अपने पद पर रहते हुए कही पर न्याय के लिए गुहार नहीं लगा सकता है। मुख्य न्यायधीश के पद से रिटायरमेंट (Retirement) के बाद केवल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में न्याय की गुहार लगा सकता है।

Supreme Court को सर्वोच्च न्यायालय कहा जाता है। यह कोर्ट पुरे केंद्र स्तर (Central Level) का कोर्ट होता है और यहाँ पुरे भारत के सभी नागरिक न्याय के लिया लड़ सकते है। अगर आप High Court में न्याय के लिए लड़ रहे है और उस फैसले से आप खुश नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट में न्याय का दरवाजा खटखटा सकते है।

इसके तहत हाई कोर्ट का फैशला सुप्रीम कोर्ट द्वारा बदला या जैसा का जैसा भी रखा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा लिए गया फैशला अंतिम होता है इससे कोई ख़ारिज नहीं कर सकता है।

High Court के संबंध में प्रावधान Indian Constitution के Part-6 में और अनुछेद (Article) 214-231 तक दिए गए है।

Numberअनुछेद (Article)प्रावधान (Provision)
1.अनुछेद 214राज्यों के लिए उच्च न्यायालय की वयवस्था
2.अनुछेद 216राज्यों में उच्च न्यायालयो का घट्न
3.अनुछेद 231दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक उच्च न्ययालय
Provision for High Courts

Indian Government ने भारतीय सविधान (Indian Constitution) के अनुसार शाखाओ को तीन भागों में बात रखा हैं। 1. कार्यकारी (Executive), 2. विधायी (Legislative) और 3rd न्यायपालिका (Judiciary).

इसी तरह भारतीय न्यायपालिका दो शाखाओ में वर्गीकृत है और यह दोनों शाखाएँ न्यायपालिका के कार्य में हस्तेक्षप नहीं कर सकती है। न्यायपालिका एक स्वतंत्र रूप से कार्य करती है।

न्यायपालिका द्वारा लिया गया फैसला स्वतत्र रूप से जारी होता है। न्यायपालिका द्वारा लिया गया फैसला सर्व मान्य होता है। इसके द्वारा लिए गए निर्णय को राज्य, केंद्र सरकार या अन्य को स्वीकार करना पड़ता है।

भारतीय न्यायपालिका (Indian Judiciary) के अंतर्गत भारत का कोई भी पुरुष/स्त्री हो, किसी भी जाति का हो, गरीब/अमीर हो वह किसी भी समय कानून का दरवाजा खटकता सकता है।

न्यायपालिका व्यवस्था (Judiciary system)

Difference between High court and Supreme Court in Hindi| हमारे देश में न्यायपालिका की शाखाये किसी एक क्षेत्र के लिए नहीं है बल्कि इनमे सभी में जाकर कोई भी न्याय के लिए गुहार लगा सकता है। बस इसके लिए कुछ शर्ते जरूर होती हैं।

न्याय के लिए सबसे निचले स्तर की अदालत पंचायत (Panchayat) होती है। पंचायत में गांव के स्तर पर होने वाले मामलो का ध्यान रखकर न्याय किया जाता है। पंचायत स्तर पर न्याय करने के लिए मुख्या सरपंच होता है। सरपंच का गांव का मुख्या पांच आदमियों यानी पांचो द्वारा बनाया जाता है।

इसके बाद इसके ऊपर की अदालत निचली अदालत (Lower Court) और सेशन कोर्ट (Session Court) होता है।

Session Court से भी ऊपर स्तर का District Court होता है। यह कोर्ट जिला स्तर के मामलो की सुनवाई करता है।

इसके बाद राज्य स्तर (State Level Court) पर हाई कोर्ट (High Court) होता है। सबसे बड़े स्तर का कोर्ट सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) होता है।

How many High Court In India

क्या आप ढूंढ रहे है – इंडिया में कितने उच्च न्यायालय है? (How many High Courts In India 2021) तो सुने।

वर्तमान में इंडिया में हाई कोर्ट (total number of High Court in India) की संख्या 25 है। देश का अंतिम 25 वा उच्च न्यायालय आंध्र प्रदेश के अमरावती में स्थापति किया गया । इंडिया में वर्तमान में कुल राज्य (Total State in India 2021) 28 और 8 केंद्रशासित प्रदेश (Union Territories) है । देश के 28 राज्यों में टोटल हाई कोर्ट की संख्या (total number of High court) 24 है और 8 केंद्रशासित प्रदेश (Union Territories list) में हाई कोर्ट (उच्च न्यायालय) की संख्या (Total number of High court in union territories in 2021) 1 है।

Difference between High court and Supreme court in India | केंद्रशासित परदेशो में हाई कोर्ट 1 ही है जिसका नाम दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High court) है। दिल्ली हाई कोर्ट को एक्ट 1966 के तहत 31 अक्टूबर, 1966 को स्थापित किया गया। Delhi High court के First Chief Justice K.S Hedge (1966-1967) थे। दिल्ली हाई कोर्ट के वर्तमान समय के चीफ जस्टिस (Chief Justice) का नाम Dhirubhai Naranbhai Patel है।

High court में न्यायधीशों (Judges) की संख्या राज्य की जनसँख्या और वह पर होने वाले मुकदमो के आधार पर तय होती है। अर्थात जहा की जनसँख्या सबसे अधिक और जहा सबसे अधिक मुक़दमे होंगे वहा सबसे अधिक जज होंगे। हाई कोर्ट में न्यायधीशों (Judges) की नियुक्ति राष्ट्रपति (President) द्वारा की जाती है।

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति (Appointment of Chief Justice) राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of Supreme court) और राज्य के राजयपाल की परामर्श के आधार पर होती है। हाई कोर्ट के न्यायधीशों की नियुक्ति Article 217 के तहत की जाती है।

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश की रिटायरमेंट (High Court Chief Justice retirement) की उम्र (Age) 62 वर्ष होती है। How many High court in india?

supreme court chief justice retirement age

supreme court chief justice retirement age| भारत देश में कितने सर्वोच्च न्यायालय (supreme court) है? हमारे देश में एकमात्र एक सुप्रीम कोर्ट है। सुप्रीम कोर्ट का एकमात्र मुख्य न्यायधीश (Chief Justice) होता है। Supreme Court के न्यायधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति स्वं करता है।

Difference between High court and Supreme Court in India|भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश सेवानिवृति (Supreme Court Chief Justice retirement age in India) 65 वर्ष की उम्र के बाद होती है। सुप्रीम कोर्ट यानी सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को कही पर भी बदला नहीं जा सकता है क्योकि वह पुरे देश का एकमात्र Chief Justice होता है ।

supreme court chief justice रिटायरमेंट age|सुप्रीम कोर्ट में 1 Chief Justice और 30 अन्य न्यायधीश होते है। सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश अपने पद पर बने हुए सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय में न्याय की गुहार नहीं लगा सकता है। Supreme court chief justice(CJI) 2020 में Sharad Arvind Bobde है।

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