मालवा का पठार | Malwa Plateau (100% For UPSC Exam)

मालवा का पठार | हेलो दोस्तों, इस पोस्ट में UPSC & PCS या अन्य Exam की preparation करने वाले students को मालवा पठार (Malwa Pleatue) के बारे में पुरे विस्तृत से जानकारी देने वाले है।

आपको गूगल पर मालवा का पठार के टॉपिक पर बहुत सारे article देखने को मिलेंगे लेकिन वो स्टूडेंट्स की समझने वाली language में नहीं होता है जिससे स्टूडेंट्स को उनको समझने में problems होती है और वो टॉपिक अधूरा रह जाता है इसलिए आपको यहाँ अच्छे से मालवा प्लेटो के बारे में बेस्ट जानकारी दी गयी है।

मालवा पठार का विस्तार – Malwa Plateau

मालवा पठार का विस्तार| मालवा पठार उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत के क्षेत्र में पाया जाता है। मालवा के पठार का विस्तार भारत के चार राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और कुछ भाग महाराष्ट्र में है और मध्य प्रदेश में मालवा पठार (malwa plateau) का सबसे अधिक भाग यानी 28% मौजूद है।

अगर इस पठार के पुरे भाग की बात करे तो इसका कुल औसतन क्षेत्रफल मालवा पठार का विस्तार| मालवा पठार उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत के क्षेत्र में पाया जाता है। मालवा के पठार का विस्तार भारत के चार राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और कुछ भाग महाराष्ट्र में है और मध्य प्रदेश में मालवा पठार (malwa plateau) का सबसे अधिक भाग यानी 28% मौजूद है। अगर इस पठार के पुरे भाग की बात करे तो इसका कुल औसतन क्षेत्रफल 81,767 वर्ग किलोमीटर है।

भारत के मैप्स (maps) के अनुसार मालवा पठार उतर – दक्षिण में 1800 किलोमीटर और पूर्व-पश्चिम में 1500 किलोमीटर की आकार का है।

मालवा पठार उत्तर पश्चिम में मध्य भारत के भाग में ह। इस पठार में आने वाले राज्यों का नाम मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान शामिल ह। मध्य प्रदेश में मालवा का पठार 28% फैला हुआ है. Malwa pathar
मालवा पठार (Malwa Plateau) की सबसे ऊँची छोटी शिगार है। इसकी ऊंचाई लगभग 881 मीटर की है। Malwa pathar ki sabse unchi choti
मध्य प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी या शिखा का नाम धूपगढ़ है जो सतपुड़ा पर्वत शृंखला मध्य प्रदेश में ह। इसके बाद मध्य प्रदेश की दूसरे नंबर की सबसे ऊँची चोटी जानापाव (म.प्र) है. madhya pardesh ki sabse unchi choti

Malwa Plateau भारत में चारो और से किसी न किसी क्षेत्र से घिरा हुआ है। मालवा का पठार उतर-पश्चिम भाग में अरावली पर्वतमाला, पश्चिम की और गुजरात का मैदान, उतर-पूर्व में बुंदेलखंड का पठार, और दक्षिण हिस्से में दक्कन के पठार (dakkan plateau) से घिरा हुआ है।

मालवा के इस पठार की ढाल उतर से पूर्व की ओर है। और विंद्याचल पहाड़ियों पर पठार त्रिभुजाकार आकर का है। इस पठार की करीबी नदिया (river) चम्बल, काली सिंध, बेतवा, केन इत्यादि है।

मालवा शब्द का उद्भव संस्कृत भाषा के शब्द मालव से हुआ है। मालव शब्द से आशय लक्ष्मी है।

Malwa Plateau In India Map

मालवा का पठार
Malwa Plateau in India map

मालवा का पठार (Malwa Plateau) का निर्माण

मालवा का पठार का निर्माण| मालवा के पठार का निर्माण आग्नेय चट्टानों के कारन हुआ है, धीरे धीरे ये लावा के रूप से ठंडी होकर पठार का रूप में बदल जाती है इससे मालवा पठार (Malwa Plateau) का निर्माण होता है।

मालवा के पठार का निर्माण आर्कियन काल में हुआ था। यह पठार उत्तर में अरावली पर्वत श्रंख्ला और दक्षिण में विंद्याचल पर्वत के बीच में स्थित है। इसकी ऊंचाई लगभग 500 से 610 मीटर की होती है।

Note: इसको लावा का पठार या ज्वालामुखी पठार भी कहा जाता है।

जाम दरवाजा को मालवा पठार का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। इस समतल पठार के सम्पूर्ण भाग पर काली मिटटी (Black Soil) और जलवायु सम पायी जाती है। जिसके कारन पठार पर सोयाबीन, कपास, अफीम मूंगफली (Peanut) आदि की फसल उगाई जा सकती है।

मालवा के इतिहास की बात करे तो यह पठार मौर्य, गुप्‍ता और परामरा वंश द्वारा इस क्षेत्र पर अधिकार और शासन किया गया । 1390 सत्र में मालवा के क्षेत्र पर मुश्लिमों और 1817 में मराठाओ से ब्रिटिस्ट ने सत्ता छीन कर अधिकार किया।

Important Information for exam

मालवा का राजा यशोधर्मन था। मालवा या मालवा पठार की सबसे ऊँची छोटी शिगार है जो की गुजरात में है। इसके अलावा बात करे मध्य प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ (म.प्र.) है जो की सतपुड़ा पर्वत शृंखला में है, और इसके बाद दूसरे नंबर की सबसे ऊँची चोटी जानापाव है।

malwa ka pathar

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